अनमोल मोती
(1)अगर मेरी एक भी बात तुमको मालूम हो तो दूसरो तक पहुँचा दो।(बुखारी शरीफ)
(2)तुम में से भला आदमी वो है जिसने कुरआन सिखा और उसे दुसरो को सिखाया।(बुखारी शरीफ )
(3)जो अपने भाई के काम आता है अल्लाह उसके काम आता है।(मुस्लिम शरीफ )रदियल्लाहो
(4)दो आदते मोमिन में इकठ्ठा नहीं होती,एक कंजूसी दूसरी बदमिजाजी।(तिर्मिजी शरीफ)
(5)जालिमो के साथ रहना भी एक जुर्म है।(हजरत इमाम हुसैन रदियल्लाहो ताला अन्हो)
(6)सच्चे आदमी का थोडा सा माल झूटे की बहुत सी दोलत से बेहतर है।(हजरत दाउद अलेय्हिस्सलाम )
(7) जिल्लत की जिंदगी से इज्जत की मोत बेहतर है।(हजरत इमाम हुसैन रदियल्लाहो तआला अन्हो)
(8)अगर आँखे रोशन है तो हर रोज रोज़े महशर है।(हजरत उस्मान गनी रदियल्लाहो अन्हो)
(9)हर शख्स सच्चा दोस्त तलाश करता है,मगर खुद सच्चा दोस्त बनने की ज़ेहमत गवारा नहीं करता।(हाकिम लुकमान )
(2)तुम में से भला आदमी वो है जिसने कुरआन सिखा और उसे दुसरो को सिखाया।(बुखारी शरीफ )
(3)जो अपने भाई के काम आता है अल्लाह उसके काम आता है।(मुस्लिम शरीफ )रदियल्लाहो
(4)दो आदते मोमिन में इकठ्ठा नहीं होती,एक कंजूसी दूसरी बदमिजाजी।(तिर्मिजी शरीफ)
(5)जालिमो के साथ रहना भी एक जुर्म है।(हजरत इमाम हुसैन रदियल्लाहो ताला अन्हो)
(6)सच्चे आदमी का थोडा सा माल झूटे की बहुत सी दोलत से बेहतर है।(हजरत दाउद अलेय्हिस्सलाम )
(7) जिल्लत की जिंदगी से इज्जत की मोत बेहतर है।(हजरत इमाम हुसैन रदियल्लाहो तआला अन्हो)
(8)अगर आँखे रोशन है तो हर रोज रोज़े महशर है।(हजरत उस्मान गनी रदियल्लाहो अन्हो)
(9)हर शख्स सच्चा दोस्त तलाश करता है,मगर खुद सच्चा दोस्त बनने की ज़ेहमत गवारा नहीं करता।(हाकिम लुकमान )
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