Wednesday, August 7, 2013

बाप की चप्पल >>>>>>>>

बाप की चप्पल >>>>>>>>


सपने देखने में कोई टेक्स  तो नहीं लगता सपने देखना बिलकुल फ्री है नरेन्द्र मोदी।
जेसे कोई बच्चा जिद करता है की मुझे वही खिलौना चाहिए उसी तरह ये भी जिद कर रहा है की मुझे दिल्ली जाना है , पर बाप को पता होता है की बच्चे की कोनसि ज़िद पूरी करनी है और कोनसी नहीं ,इसको मुख्यमंत्री बनाना था तो हम सब ने मिलकर बना दिया पर ये ज़िद तो कुछ ज्यादा ही होती जा रही है। बाप को पता है की कोनसी ज़िद पूरी करनी है और कोनसी नहीं। नरेन्द्र मोदी ये मत भूलो की ये जनता तुम्हारी बाप है। जानते हैं की बेटे  पेरो में अगर बाप की चप्पल आने लग जाये तो बेटे पर हाथ नहीं उठाना चाहिए।पर अगर बेटा बाप को भूल जाये तो बाप को अपनी बापगिरी दिखानी है। संभल जा बेटा  वरना जो चप्पल तू पेरो में पहनता हे उसी चप्पल  से तेरी धुनाई की जाएगी। 

No comments:

Post a Comment