इस्लाम एक एसा धर्म हे जहाँ सिर्फ एक ही इश्वर (अल्लाह ) माबूद पैदा करने वाला संसार बनाने वाला मन जाता है।इसबात में कोई शक भी नहीं है।मानवता को इस्लाम में बहुत बड़ा दर्जा दिया गया है।हमें हमारा जीवन भी यही सिखाता है।एक मनुष्य को दुसरे मनुष्य की मदद करेगा तब ही वह जन्नत का असली हक़दार है।''नबी ए अकरम हुजुर नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलेयही वसल्लम''ने मानवता को बचाने के लिए अपने प्यारे नवासो हसनोहुसेन को शहीद होने दिया वो चाहते तो क्या कुछ नहीं कर सकते थे जिन्होंने चाँद के दो टुकड़े कर दिए वो तो एक ऊँगली के इशारे पर विद्रोहियों की सेनाओं को नेस्तोनाबूद कर सकते थे।उधर बेईमानो की हजारों की तादाद में सेनाएं यहाँ अपने इमान पर मर मिटने वालों की तादाद सिर्फ 40 पर हसन हुसैन तथा उनके साथियों ने डट कर मुकाबला किया और वाही मैदाने जंग में लड़ते लड़ते शहीद हो गए।पर वो शहीद हुए तो सिर्फ अल्लाह की मर्जी से और आज उनकी ही बदोलत हे की इस्लाम आज पुरे संसार में फेल गया है।हुजुर (सा .ता .आले .वस् .)मानवता के सदेश को पुरे विश्व में फेलाया।
हमें भी उनकी बातों बातो पर अमल करना चाहिए।आज देखो पुरे संसार की हालत ख़राब है।एक व्यक्ति दुसरे व्यक्ति से लड़ रहा है।अपने फायदे के लिए एक दुसरे को मर रहे है।हिन्दुस्थान में भी हालत बहुत ख़राब है।जगह-2 भ्रष्टाचार फेला हुआ है।आज सरकारी काम के लिए छोटी से छोटी बात हो पहले पैसो का जेब में होना बहुत जरुरी है।महंगाई दिन बार दिन बढती ही जा रही है पर सर्कार के पास इसका कोई तोड़ नहीं।महंगाई की मार क्यों हमेशा आम आदमी को सहनी पड़ती है।सर्कार अपनी सफाई देकर दूर हट जाती है।अगर एक आम आदमी को एक साईकिल भी लानी हो तो उसे दस बार सोचना पड़ता है।अगर कोई आदमी महीने में 5000/-भी कमाता हे तो वो अपने अपने परिवार के लिए पूंजी जमा नहीं कर सकता।पूंजी जमा करना तो दूर की बात है 5000/-में उसके एक महीने का परिवार का खर्चा भी नहीं चल पाता।''पैसे से पैसा बनता हे''ये कहावत सच होती हमें आज दिख रही है।जो आदमी गरीब है वह ओर गरीब होता जा रहा है और जो व्यक्ति पुन्जिवान है वह ओर आमिर होता जा रहा है।हमें ही देश की उन्नति के लिए कुछ करना होगा।
मेरी शपथ ..
हमें भी उनकी बातों बातो पर अमल करना चाहिए।आज देखो पुरे संसार की हालत ख़राब है।एक व्यक्ति दुसरे व्यक्ति से लड़ रहा है।अपने फायदे के लिए एक दुसरे को मर रहे है।हिन्दुस्थान में भी हालत बहुत ख़राब है।जगह-2 भ्रष्टाचार फेला हुआ है।आज सरकारी काम के लिए छोटी से छोटी बात हो पहले पैसो का जेब में होना बहुत जरुरी है।महंगाई दिन बार दिन बढती ही जा रही है पर सर्कार के पास इसका कोई तोड़ नहीं।महंगाई की मार क्यों हमेशा आम आदमी को सहनी पड़ती है।सर्कार अपनी सफाई देकर दूर हट जाती है।अगर एक आम आदमी को एक साईकिल भी लानी हो तो उसे दस बार सोचना पड़ता है।अगर कोई आदमी महीने में 5000/-भी कमाता हे तो वो अपने अपने परिवार के लिए पूंजी जमा नहीं कर सकता।पूंजी जमा करना तो दूर की बात है 5000/-में उसके एक महीने का परिवार का खर्चा भी नहीं चल पाता।''पैसे से पैसा बनता हे''ये कहावत सच होती हमें आज दिख रही है।जो आदमी गरीब है वह ओर गरीब होता जा रहा है और जो व्यक्ति पुन्जिवान है वह ओर आमिर होता जा रहा है।हमें ही देश की उन्नति के लिए कुछ करना होगा।
मेरी शपथ ..
- में कोई भी गैरकानूनी कम नहीं करूँगा और न ही किसी का साथ दूंगा।
- अगर मेरी आंखो के सामने किसी के साथ अन्याय हो रहा है तो में उस अन्याय का पुरजोर विरोध करूँगा।
- अपना कम निकलवाने और और आगे रहने के लिए बेईमानी सहारा नहीं लूँगा।
- कोमी एकता को हमेशा ध्यान में रखुगा और दुसरो को भी सही रह पर लाने का प्रयत्न करूँगा।
- अगर कोई व्यक्ति किसी एक संप्रदाय के खिलाफ बोलता है तो में उसका विरोध करूँगा।
- देशा का दुश्मन मेरा दुश्मन है।

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